26 नवंबर, 2025 – आज 76वें राष्ट्रीय संविधान दिवस पर भारत अपने लोकतांत्रिक आत्मा को नमन करता है। समविधान दिवस या भारत का संविधान दिवस के रूप में जाना जाने वाला यह दिन, 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाए गए विश्व के सबसे लंबे लिखित संविधान की याद दिलाता है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर – भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार – की अध्यक्षता में तैयार यह 395 अनुच्छेदों वाला दस्तावेज, 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और एक संप्रभु गणराज्य का जन्म दिया। न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता पर आधारित यह संविधान, भारत को एकजुट करने वाली नींव है।
इस वर्ष की थीम ‘हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान’ (हमारा संविधान - हमारा स्वाभिमान) ने समविधान दिवस 2025 उत्सवों को नई ऊर्जा दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के केंद्रीय कक्ष में प्रस्तावना पाठ का नेतृत्व किया, जिसमें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष शामिल हुए। पूरे देश में कार्यक्रमों की धूम मची: वाराणसी से वीडियो प्रतिज्ञाएं, जाफना में तमिल पाठ, धुले और लखनऊ में क्विज, तथा जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे स्कूलों में नाटक। संस्कृति मंत्रालय का अभियान प्रतिज्ञाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से प्रेरित कर रहा है।
भारतीय संविधान की अनुकूलन क्षमता – 100 से अधिक संशोधनों के बावजूद मजबूत – हमें भविष्य की ओर मार्गदर्शन देती है। इस संविधान दिवस पर संकल्प लें: न्यायपूर्ण, समावेशी भारत का निर्माण।
आपका समविधान दिवस 2025 का संकल्प क्या है? नीचे साझा करें। जय हिंद!
भारत के लोकतंत्र के एक समर्पित वर्णनकर्ता द्वारा।
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